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Chapter 1 - A Sexy Party Night

मुंबई की चमकती रातों में हमेशा एक जादू सा छिपा होता था। दिसंबर की ठंडी हवा में भी शहर की लाइटें बिना रुके दौड़ रही थीं। ऊँची-ऊँची इमारतें जगमगा रही थीं, नीचे सड़क पर कारों की लंबी कतारें रेंग रही थीं और दूर समंदर की लहरें आपस में फुसफुसा रही थीं - एक ऐसी तस्वीर जो किसी को सोने नहीं देती। और इसी शानो-शौकत के बीच शहर के सबसे लक्ज़री हाई-राइज़ होटल के ग्रैंड बॉलरूम में एक हाई-प्रोफाइल पार्टी जोरों पर थी। हवा में संगीत गूंज रहा था, हँसी की आवाज़ें गूंज रही थीं, ग्लास टकरा रहे थे और डांस फ्लोर पर रंग-बिरंगी लाइटें चमक रही थीं सब कुछ मिलकर परफेक्ट नाइटलाइफ वाइब बना रहा था।

लेकिन इसी भीड़भाड़ वाली पार्टी में, एक शांत कोने में, अधिरा अत्रे अपने ही ख्यालों में खोई बैठी थी। उसकी आँखों में एक गहरा उदासी थी, चेहरे पर थकान थी और हल्का सा झिझक साफ दिख रहा था। उसके लंबे, गहरे भूरे बाल कंधों पर नर्मी से गिर रहे थे। 5'6" लंबी अधिरा की कद-काठी पतली और सुडौल थी, लेकिन उसके बैठने के अंदाज़ में एक अजीब सी भारीपन था जैसे दिल पर कोई बोझ हो। 23 साल की अधिरा बाहर से मजबूत और आत्मविश्वास से भरी लगती थी, लेकिन अंदर से भावनात्मक रूप से बहुत कमजोर थी। उसकी बड़ी-बड़ी आँखें, जो आमतौर पर सपनों से भरी रहती थीं, आज सिर्फ डांस फ्लोर पर चमकती लाइटों को खाली नज़रों से देख रही थीं।

वह बॉलरूम की चमकदार भीड़ में लगभग अकेली खड़ी थी, अपना छोटा सा पर्स इतनी जोर से पकड़े हुए कि उंगलियाँ सफेद पड़ गई थीं। उसने एक सिंपल मगर एलिगेंट काले रंग की ऑफ-शोल्डर ड्रेस पहन रखी थी जो उसकी खूबसूरती को और भी निखार रही थी। लेकिन उसके चेहरे पर मुस्कान नदारद थी।

"अधिरा! यार, तू इस कोने में अकेली क्या कर रही है? पार्टी तो वहाँ चल रही है!"

अचानक आई आवाज़ ने अधिरा के ध्यान को तोड़ा। वह मुड़ी और अपनी बेस्ट फ्रेंड मेहर कुलकर्णी को अपनी तरफ आते देखा। मेहर भी 23 साल की थी, लेकिन उसका स्वभाव बिल्कुल उल्टा था - बोल्ड, कॉन्फिडेंट और हमेशा एनर्जी से भरी रहती थी। उसके लंबे घुंघराले बाल चेहरे को परफेक्ट फ्रेम कर रहे थे, और उसने स्टाइलिश रेड टॉप के साथ डेनिम जैकेट पहन रखी थी जो उसे एक कूल फैशन स्टाइलिस्ट का वाइब दे रही थी। उसकी आँखों में हमेशा एक चमक रहती थी - हिम्मत और सुरक्षा की भावना।

"मेहर... मैं बस... यहाँ बैठी थी," अधिरा ने हल्की सी मुस्कान के साथ कहा, लेकिन आवाज़ में उदासी साफ झलक रही थी।

मेहर ने उसके चेहरे को गौर से देखा, फिर पास आकर कंधे पर हाथ रखा। वो बोली "अरे, क्या हुआ? इतनी उदास क्यों लग रही है? तेरी आँखें तो लग रहा है रोने वाली हैं। बता, क्या हुआ? घर पर सब ठीक तो है न?"

अधिरा ने सिर झुका लिया। वो बोली "कुछ नहीं, मेहर... बस मन नहीं है। दोस्तों ने आज इतना जोर डाला कि मैं यहाँ आ गई, लेकिन... लगता है आना गलती हो गई। यहाँ भी सब कुछ भारी लग रहा है।"

मेहर ने उसका हाथ खींचते हुए कहा "गलती? पागल हो गई है क्या? ये पार्टी तो तेरे लिए ही है! चल, उठ। थोड़ा मस्ती करते हैं। इतना टेंशन क्यों ले रही है? जिंदगी में कभी-कभी बस छोड़ना पड़ता है! देख, सब एंजॉय कर रहे हैं - तू भी कर।"

अधिरा ने हल्की सी हँसी दी। वो बोली "तू हमेशा इतनी पॉजिटिव कैसे रहती है? मुझे तो सब कुछ भारी लगता है। घर का टेंशन, चाचा-चाची का प्रेशर... और अब इस पार्टी ने ऊपर से। लगता ही नहीं कि मैं यहाँ फिट हूँ।"

मेहर ने उसकी आँखों में गहराई से देखा। वो बोली "सुन, अधिरा, मुझे पता है तू क्या गुजर रही है। चाचा-चाची की रोज़ की टोका-टोकी, नंदिनी की जलन... सब कुछ। लेकिन आज रात सिर्फ हम हैं। घर को एक रात के लिए भूल जा। चल, डांस फ्लोर पर चलते हैं। संगीत सुन, लाइट्स देख तेरा मूड बदलेगा, प्रॉमिस। अगर अच्छा नहीं लगा, तो मैं खुद तुझे घर छोड़ने आ जाऊँगी।"

अधिरा ने एक पल सोचा, फिर धीरे से सिर हिलाया। लेकिन अचानक उसे कुछ घंटे पहले की बात याद आई।

कुछ घंटे पहले, अधिरा अपने छोटे से अपार्टमेंट में तैयार हो रही थी। बाहर रिया और ईशान उसका इंतज़ार कर रहे थे।

रिया ने दरवाज़ा खटखटाते हुए कहा "अधिरा, जल्दी करो! पार्टी तो शुरू हो गई होगी," "आज तेरे लिए खास इंतज़ाम है। तू मिस नहीं कर सकती! बहुत सारे क्यूट लड़के होंगे, मज़ा आएगा।"

अधिरा ने ड्रेस पहनते हुए पूछा, "इतना खास क्या है? तुम लोग इतना जोर क्यों डाल रहे हो? मेरा तो जाने का मन भी नहीं था।"

ईशान ने बाहर से नर्मी से कहा, "क्योंकि तू दिनों से स्ट्रेस्ड है। चाचा-चाची की सारी बातें, शादी का प्रेशर... सब कुछ। आज रात बस थोड़ा रिलैक्स कर। मैं भी आ रहा हूँ तुझे देखना चाहता था। सच कहूँ, तुझे बाहर निकलना चाहिए। घर पर बैठे-बैठे क्या फायदा?"

अधिरा ने शीशे में खुद को देखा। वो बोली "लेकिन ईशान... मुझे नहीं लगता मज़ा आएगा। नंदिनी ने कल फिर मुझे टोका था - कहा कि मैं घर पर बोझ हूँ। चाची कहती रहती है कि मुझे जल्दी शादी कर लेनी चाहिए, अच्छा लड़का मिल जाएगा और सब ठीक हो जाएगा।"

रिया अंदर आकर बोली, "उनकी बात भूल जा! आज रात सिर्फ हम हैं। पार्टी में इतने सारे लोग होंगे, मज़ा आएगा। और ईशान सही कह रहा है तुझे बाहर निकलना चाहिए। क्या घर पर रोती रहेगी? चल, तैयार हो जा। उस काले ड्रेस में तू किलर लगेगी!"

ईशान ने मुस्कुराते हुए कहा, "हाँ, अधिरा, प्लीज आ जा। प्रॉमिस करता हूँ अच्छा लगेगा। और अगर नहीं लगा, तो मैं खुद तुझे घर छोड़ने आ जाऊँगा। बस आज रात ट्राई कर।"

अधिरा ने गहरी सांस ली। वो बोली "ठीक है... आ रही हूँ। बस थोड़ी देर के लिए।"

रिया खुशी से बोली "हाँ! यही बात," "और आज रात परिवार के बारे में मत सोचना। चाचा-चाची का प्रेशर कल भी रहेगा आज रात बस मस्ती कर!"

वापस वर्तमान में। अधिरा ने मेहर को देखा और मुस्कुराई। वो बोली "तू सही कह रही है। रिया और ईशान ने भी यही कहा था। लेकिन यहाँ आकर भी मेरा मूड नहीं सुधर रहा। सब इतने खुश दिख रहे हैं, और मैं..."

मेहर ने उसकी कमर पर हाथ रखा। वो बोली "तो फिर मुझे ठीक करने दो! चल, डांस फ्लोर। देखना जैसे ही म्यूज़िक लगेगा, सारा टेंशन उड़ जाएगा। बस मेरे साथ डांस कर, कुछ मत सोच।"

अधिरा ने संकोच किया, लेकिन मेहर ने उसका हाथ पकड़ा और खींच लिया। वे बॉलरूम की तरफ चल पड़ीं। जैसे ही वे डांस फ्लोर के पास पहुँचीं, संगीत तेज़ हो गया - बास की वाइब्रेशन उनके शरीर से गुजरने लगी, रंग-बिरंगी लाइटें चमकने लगीं।

"देखा! कितना मज़ा है," मेहर चिल्लाई। "अब डांस कर! हाथ ऊपर, बॉडी मूव कर!"

अधिरा पहले तो झिझक रही थी, लेकिन धीरे-धीरे उसके पैर हिलने लगे। मेहर ने उसका हाथ पकड़ा, और वे दोनों साथ डांस करने लगीं। मेहर की पॉजिटिव एनर्जी, उसकी हँसी सब कुछ अधिरा को हल्का महसूस करा रहा था।

"यार, तू कितना अच्छा डांस करती है," अधिरा हँसते हुए बोली।

"तू भी! बस खुद को छोड़ दे," मेहर ने जवाब दिया। "देख, वो दो लड़के अभी भी तुझे घूर रहे हैं। क्यूट लग रहे हैं, है न? एक तो मुस्कुरा भी रहा है।"

अधिरा मुड़ी और देखा। दो लड़के बार के पास खड़े थे, उनकी नज़रें उस पर टिकी हुई थीं। एक के चेहरे पर जिज्ञासा भरी मुस्कान थी, दूसरे की आँखों में साफ दिलचस्पी झलक रही थी। अधिरा के गाल लाल हो गए।

अधिरा ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा "मेहर... वो मुझे घूर रहे हैं। अजीब लग रहा है।

मेहर ने चिढ़ाते हुए कहा, "तो घूरने दो! आज रात तू बहुत खूबसूरत लग रही है। थोड़ा एंजॉय कर। जिंदगी में कभी-कभी ऐसे मौकों की ज़रूरत होती है। अगर कोई बात करने आए, तो बस चैट कर लेना कोई प्रेशर नहीं।"

अधिरा ने चुपचाप सांस छोड़ी। वो बोली "बस कोई अजीब सा कुछ न हो जाए। मैं थोड़ी देर और रुकूँगी फिर घर चली जाऊँगी।"

"अरे नहीं! हम तो पूरी रात एंजॉय करेंगे," मेहर ने कहा और अधिरा को और पास खींच लिया। वे फिर डांस में खो गईं।

धीरे-धीरे, अधिरा का मूड सुधरने लगा। संगीत, लाइट्स, मेहर की कंपनी सब कुछ अच्छा लग रहा था। लेकिन गहरे अवचेतन में, एक अजीब सा एहसास था। जैसे आज की रात कुछ अलग होने वाली थी।

कुछ अनदेखा, कुछ अप्रत्याशित। उसे नहीं पता था कि यह पार्टी उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल देगी...

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